Archive for जून, 2007

HELLO WORLD !

जून 2, 2007

यदि मध्य क्रम(या middl-eorder) का अर्थ किसी भारतीय से पुछें तो औसत जवाब मिलेगा द्रविड, कैफ़, धोनी,युवराज ये सब middle-order के उदाहरण हैं. अर्थात 11 में से 4 या 5 बिचले क्रम के खिलाडी… 🙂
ठिक बात भी है लेकिन मेरा मध्य-क्रम से अर्थ उनसे है जो बडे-बुजुर्गों और अपने बचपन में जीती भविष्य की पिढी के बिच के हम-सभी युवाओं का क्रम है.
देखा जाये तो क्रिकेट में जिस तरह से सबसे अधिक भार middle-order को उठाना पडता है(किसी-किसी मौके को छोड दे तो..:) क्रिपया अन्यथा न माने) उसी तरह हमारे युवा-जगत का मध्य क्रम भी उतना ही महत्वपुर्ण है.
खासकर आज के समय में जब रुढिवादिता और आधुनिकता के बिच कि मानसिकता में हम अपने -आप को पाते हैं उसमें भी मध्यवर्गिय परिवार ही सबसे ज्यादा इस दुविधा से रुबरु होते हैं क्योंकि वे मध्यवर्गिय हैं और जब भी मध्य-क्रम की बात होगी जिम्मेदारियों और दुविधाओं से आपको रुबरु होना ही पडेगा . अब देखिये, हमारे देश में(हालांकि लगभग सभी जगह यही बात होती है) सबसे बडा तबका मध्यवर्गिय ही है तो उसका सोच-विचार,रहन-सहन,खान-पान,व्याव्हारिकता , सबकुछ पुरे देश कि सामाजिक और अन्य स्थितीयों पर व्यापक असर डालता है
इसलिये यदि आप युवा हैं और उपर से मध्यवर्गिय परिवार से हैं तो आप मान लिजिये कि आप अपने देश या समाज के सबसे जिम्मेदार तबके से संबंध रखते हैं
यही अपना middle-order है… 🙂

अब तक हमें चिट्ठे पढने का बहुत शौक रहा है… अब लिखने का मन भी हो गया सो आज मैने ये पहला चिट्ठा लिखा है.. आगे का हमें ठिक-ठिक पता नहीं है.. बात जम गयी तो ठिक ही है 🙂

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